रिलायंस इंडस्ट्रीज किशोर बियानी के फ्यूचर रिटेल में हिस्सेदारी खरीदने के करीब, 15 जुलाई के एजीएम से पहले हो सकता है सौदा
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) किशोर बियानी के फ्यूचर समूह के रिटेल बिजनेस में हिस्सेदारी खरीदने के करीब पहुंच गई है। फ्यूचर रिटेल में आरआईएल कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने की योजना बनाई है। इससे रिलायंस रिटेल को पहुंच बढ़ाने में और मदद मिल जाएगी।
किशोर बियानी का कंट्रोल खत्म होगा
जानकारी के मुताबिक बियानी फ्यूचर रिटेल जैसे एफबीबी, बिग बाजार, फूड हॉल, सेंट्रल, फ्यूचर लाइफस्टाइल लिमिटेड और फ्यूचर सप्लाई चेन सॉल्यूशंस मे शामिल सभी बिजनेस पर अपना नियंत्रण छोड़ देंगे। योजना के तहत तीनों कंपनियों को एक में मिलाया जाएगा। सभी संयुक्त व्यवसाय आरआईएल खरीदेगा। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक बियानी के लिए फ्यूचर ग्रुप के एफएमसीजी बिजनेस और कुछ अन्य छोटी ग्रुप कंपनियों का बिजनेस छोड़ दिया जाएगा।
आरआईएल को रिटेल में मिलेगी मजबूती
इस डील से आरआईएल को तरह के फैशन, जनरल मर्चेंडाइज, ग्रोसरी और किराने के सामान जैसे रिटेल स्पेस में एक ताकतवर पोजीशन मिलेगी। आरआईएल और फ्यूचर ग्रुप के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। आरआईएल 15 जुलाई को अपनी होनेवाली एजीएम से पहले इस डील को पूरा करना चाहती है। हालांकि दोनों के बीच अभी भी टेक्निकल मामलों पर सहमति बनना बाकी है।
बियानी की होल्डिंग कंपनी लोन का पेमेंट करने में डिफॉल्ट हो गई थी
इस सौदे पर बातचीत इस साल की शुरुआत में शुरू हुई थी। क्योंकि बियानी की होल्डिंग कंपनी लोन का पेमेंट करने में डिफॉल्ट कर गई थी। इससे पहले भारत के रिटेल सेक्टर के पोस्टर ब्वॉय के नाम से मशहूर बियानी ने कई अन्य संभावित निवेशकों के साथ भी चर्चाएं की हैं। अमेरिका स्थित रिटेल कंपनी अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने भी फ्यूचर ग्रुप में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन आरआईएल के साथ एक डील ने बियानी के कर्ज के मुद्दों का पूरी तरह से समाधान कर दिया है।
यह डील जटिल हो सकती है। क्योंकि पहले, फ्यूचर ग्रुप को एक कंपनी में विलय करने के लिए एक स्कीम की घोषणा करना होगा।
फ्यूचर समूह के 1500 रिटेल स्टोर हैं
फ्यूचर रिटेल के 1,500 खुदरा स्टोर हैं, जिनमें बिग बाजार, ईजोन, फूडहॉल, फैशन एट बिग बाजार (एफबीबी), नीलगिरी और ईजीडे जैसे ब्रांड शामिल हैं। फ्यूचर लाइफस्टाइल के पास सेंट्रल और ब्रांड फैक्टरी जैसे ब्रांड्स के तहत 300 स्टोर हैं।
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2CLMc9l
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Please do not enter any spam link in the comment box.